Patient interaction with TB Care Ecosystem

क्षयरोगी देखभाल तंत्र(केयर इकोसिस्टम) के साथ स्वास्थ्य स्वयंसेवकों(Health Volunteers) की सहभागिता

 

स्वास्थ्य स्वयंसेवक(Health Volunteer) समुदाय में क्षयरोग के रोगी के लिए संपर्क का पहला केन्द्र हैं। स्वास्थ्य स्वयंसेवकों(Health Volunteers) को क्षयरोग(TB) के  रोगी की देखभाल के लिए विभिन्न विशेषज्ञों/हित धारकों  के साथ बातचीत करने की आवश्यकता होती है।

 

Progression to TB Disease

माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium tuberculosis) के संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति में क्षयरोग (TB) के संकेत और लक्षण दिखाई नहीं देते। इसकी वजह यह है कि TB जीवाणु के संपर्क में आने वाले 70 प्रतिशत लोगों में टीबी का संक्रमण (TB Infection) नहीं होता है। दूसरी ओर, क्षयरोग से संक्रमित होने वाले 30 प्रतिशत लोगों में से  10 प्रतिशत लोगों में ही संक्रमण, सक्रिय क्षयरोग(Active TB) में बदलता है जिनमें क्षयरोग(TB) संबंधित लक्षण देखे जाते हैं और बाकी के 90 प्रतिशत लोगों में क्लिनिकल लेटेंसी (Clinical Latency) रहती है। क्लिनिकल लेटेंसी (Clinical Latency) को टीबी संक्रमण (TB inf

अनुमानित पल्मोनरी क्षयरोग (PTB)

ऐसा रोगी जिसमें क्षयरोग(जिसे पहले क्षयरोग संदिग्ध के रूप में जाना जाता था) के लक्षण या संकेत दिखाई देते हैं और जहां बैक्टीरियोलॉजिकल जांच(Bacteriological test) की आवश्यकता होती है।

अनुमानित/प्रीसम्पटिव क्षयरोग(Presumptive TB) को इस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है-

Nikshay

निक्षय (Nikshay)

 

यह भारत में क्षयरोगी प्रबंधन और देखभाल के लिए एक एकीकृत कंप्युटर  प्रणाली(ICT) है। इसे 2012 में लॉन्च क्या गया था और तब से इस सिस्टम(System) में कई सुधार किए गए हैं।

 निक्षय विभिन्न सुविधा प्रदान करता है -

•    सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य प्रदाताओं के लिए एक ही जगह पर सूचना के आदान प्रदान के लिये एकीकृत  प्रणाली

Testing for TB diagnosis

क्षयरोग(TB) का निदान(डायग्नोसिस) 

 

राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम(NTEP) सभी अनुमानित/प्रीसम्पटिव(Presumptive) रोगियों को माइक्रोबायोलॉजी(Microbiology) के आधार पर पुष्टि करने का प्रयास करता है। एनटीईपी(NTEP) के अंतर्गत,  क्षयरोग(TB) के लिए माइक्रोबायोलॉजिकल डायग्नोसिस(Microbiological diagnosis) के निम्नलिखित स्वीकार्य तरीके है:

TB Case classification in NTEP

पूर्व में किए गए क्षयरोग उपचार(History of Previous Treatment) के आधार पर क्षयरोग के मामलों का वर्गीकरण

 

नया केस(New Case)  - ऐसे क्षयरोग(TB) के  रोगी जिसने कभी भी क्षयरोग(TB)का उपचार  नहीं  कराया  है या एक महीने से कम समय तक क्षयरोगरोधी  दवाएं ली हैं, उसे एक नया केस माना जाता है।

●  जिस रोगी ने पहले क्षयरोग की दवाइयाँ एक महीने या अधिक समय के लिए ली है, उन्हें आगे इस तरह वर्गीकृत किया जा सकता है-

TB Infection

  • क्षयरोग संक्रमण (TB Infection) की अवस्था में माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस(Mycobacterium tuberculosis) से लड़ने के लिए शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण होता है । इसमें  व्यक्ति को TB के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते और केवल प्रयोगशाला की जांच के आधार पर ही उनकी पहचान की जा सकती है।

Mode of TB Transmission

क्षयरोग  मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर उत्पन्न होने वाली बूंदों(ड्रॉपलेट नुक्लिआइ) के माध्यम से फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति से आम लोगों के बीच फैलता है।

यह अंदाजा लगाया गया है, कि एक क्षयरोग(TB) से संक्रमित रोगी जिसका इलाज शुरू नहीं किया हो वह सालाना 10  से 15 व्यक्तियों में क्षयरोग का संक्रमण कर सकता है।

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